
उपरके चित्र में बड़े बैनर पर मोटे अक्षरों में देखरहे हैं l
यह नॉएडा सेक्टर 5 की झुग्गी केम्प के कॉर्नर पर लगा है l अधिकतर इस केम्प में अछूत दलित लोगों का रहवास है,उसमें भी अधिक शंख्या वाल्मीकि कहेजाने वाले लोगों की अधिक है l
.पूछने पर पता चला कि इस तीन दिन में मनाने वले उत्सव में पचास हजार सामूहिक खर्च हुआ l व्यक्ति गत भी दो से पांच हजार खर्च हुए उनके, जो कावड़ लेकर चले l
.अनुमानतः तीन से पांच लाख खर्च हुआ l
. झोंपड़ी के बादशाह देश के विकास में, कचरा चुन कर माँ बहिन बेटी घरों में झाड़ू वर्तन कपड़ा सफाई कर पेट की भूख मिटाने को अपने परिवार रिश्तेदार गावों की घर जमीन छोड़कर,जीवन जीने के लिए यह सब करती हैं l.इस तरह के खर्चे उन्हें उसी बदहाली में जीने को विबस करते हैं l क्योंकि वह (हिन्दू हैं) l मानसिक गुलाम हैं
डॉ.आर सी लाल चौहान 9410238671,मझोला,अलीगढ उतर प्रदेश की जानकारी
