वीस करोड “बौद्ध परिवार को” जगाने का लक्ष,

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हम बौद्ध परिवार हमारा बौद्ध परिवार 

विशेष प्रतिनिधी – इंदोर -: वीस करोड “बौद्ध परिवार को” जगाने का लक्ष, हम बौद्ध परिवार हमारा बौद्ध परिवार.विश्वशांती व मानवता के स्थापना के लिए प्रबुद्ध जन बौद्ध परिवार संमेलन स्थान जल न्यू जेल मैदान भाण्डेर रोड दतिया मध्यप्रदेश,दिनांक 23 नोव्हेंबर 2025 रविवार समय प्रांत सात बजे बुध्द वंदना से प्रारंभ श्रद्धावान उपासक उपासिकाये, “भारत बुद्ध की धरती है” ऐसा इसलिये कहा जाता है क्योंकि भारत की धरती पर जहा भी खुदाई होती है, उस खुदाई मे भारत की धरती से बुद्ध की मूर्तिया ही निकालती है, दुसरी तरफ भारत के सभी प्रधानमंत्री जब जब विदेशी यात्रा पर गये तब तब उन्होने भारत को याद करते हुये यही कहा कि मै “बुद्ध की धरती ने हमे आया हु” ऐसा वे क्यू कहते है?. ऐसा वे इसलिये कहते है कि क्योंकी भारत की धरती मे हमे बुद्ध दिया है युद्ध नही. भारत देश एक धर्मनिरपेक्ष देश है और भारत का संविधान इस बात की इजाजत देता है, की प्रत्येक व्यक्ती अपने धर्म का पालन स्वयं अपने इच्छा नुसार कर सकता है अपने जीवन को शिल,समाधी,प्रज्ञा,शांती करुणा,मैत्री,मुदिता एवं उपेक्खा,भाईचारा तथा स्वतंत्रता से चलाने के लिए वह आजाद है, भारत एक ऐसा मुल्क है जहा सभी धर्म के लोग रहते है, बुद्ध का दर्शन सभी को सुख शांती से जिने का मार्ग दिखाता है, चार आर्य सत्य यही है कि “संसार में दुःख है और दुःखी समुदाय है, दुःख निरोध है तथा दुःख निरोधगामिनी प्रतिपदा है,आर्य अष्टांगिक मार्ग” इन्सान को मुक्ती की ओर ले जाने वाला पथ है. बाबासाहेब डॉक्टर आंबेडकर हमे भारतवासियो को न केवल एक खूबसूरत संविधान दिया है,और सभी को समान अधिकार दिये, बल्की हमे बुध्द का एक धम्म भी दिया जिसमे सबको समान समझा जाता है,हमारा मकसद सभी को बुद्ध का मार्ग समझाना का है और हम सब चाहते है कि भारत देश बुद्ध के रास्ते को समझे और सभी धर्मो  को मानने वाले आपस मे भाईचारा के साथ रहे, जब सबका अपना अपना धर्म मानने की स्वतंत्रता है,तो सभी मिल जुलकर रहे, हमारे महापुरुष ने जो रास्ता हमे बताया है, उसका अनुसरण करने जा रहे है, जो बहुजन हिताय बहुजन सुखाय तथा सभी के लिए कल्याणकारी है, “बुद्धवाणी संकीर्णता से परे अनंत सागर की तरा है” जिस प्रकार भिन्नभिन्न नामो से पहचान रखने वाली नदिया जब समुद्र में मिलते है तो अपना पूर्व अस्तित्व खो देती है, उसी प्रकार बुद्ध का मार्ग है,जिस पर चलकर हम सुख – शांती का वातावरण निर्मित कर सकते है,   आपके जीवन मे ऐसा पावन अवसर आया की आज “सम्यक सम्बुध्द” का महान  भिक्खु संघ आपके सामने उपस्थित है और आपको इस महान अवसर पर भिक्खु संघ को दान देने का अवसर मिला है,तो आपको इस महान संघ को अपने हाथो से दान देकर आप अपनी दान पारमी को आगे बढाकर पुण्य का भागीदार बने.यह पुण्य कार्य आपके कल्याण के लिए अच्छा ही होगा. 

अंत सभी उपासक उपासिकाओ से अपील है कि आप सभी मित्रो तथा संबंधियो  सहित सहपरिवार श्वेत वस्र पहनकर दतिया मे होने जा रहे है “प्रबुद्ध जन बौद्ध परिवार सम्मेलन” में सामील होकर मानसिक,आर्थिक एव शारीरिक योगदान देकर इस संमेलन को सफल बनाने मे अहम भूमिका अदा करे इस पुण्य कार्य के भागीदार बने.यह पूज्य भिक्खू डॉ.आनंद रविखत संचालक एव मुख्य मार्गदर्शक ने सभी को आवाहन किया है.

     संमेलन आयोजन समिती दतिया मध्य प्रदेश मुख्य अतिथी परमपूज्य भिक्खु बुद्ध रविखत महाथेरो अध्यक्ष विदर्शन शिक्षा केंद्र कोलकत्ता,मुख्य धम्मोपदेसक पूज्य भिक्खु बुद्ध सिरी महाथेरो सिलीगुड़ी, पूज्य भिक्खु उदयभद्र महाथेरो नेपाल,अध्यक्षता भिक्खु  कुमार काश्यप महाथेरो अध्यक्ष अखिल भारतीय भिक्खु संघ बुंदेलखंड,अतिथि विशिष्ट अतिथी भिक्खु आनंद महाथेरो बौद्ध गया,पूज्य भिक्खु धम्मशिल महाथेरो सारनाथ, पूज्य भिक्खु डॉ.विमल कीर्ति महाथेरो कुशीनगर,पूज्य भिक्खु डॉ.यसकरसपयान महाथेरो कोल्हापूर महाराष्ट्र, भिक्खु बौद्धमणी महाथेरो औरय्या उत्तर प्रदेश,पूज्य भिक्खु विनय रविखत महाथेरो नागपूर,पूज्य भिक्खु महानाम महाथेरो दिल्ली,पूज्य भिक्खु शीलानंद महाथेरो.के साथ सभी राज्यओ से पूज्य भिक्खू महथेरो इस विश्वशांती व मानवता के स्थापना के लिए प्रबुद्ध जन बौद्ध परिवार संमेलन भागीदार बनेगे आप श्रद्धावान धम्म उपासक उपासिकाये,सहभागी होके पुण्य कार्य के भागीदार बने 

पूज्य भिक्खू डॉ.आनंद रविखत 6269417518/9873137070,

संचालक एव मुख्य मार्गदर्शक

संस्थापक एव राष्ट्रीय अध्यक्ष दि ऑल इंडिया डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर मिस्सीऑनरी सोसायटी नवी दिल्ली,

नालंदा बुद्ध महाविहार अशोक नगर मध्य प्रदेश.

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